काशी के आसमान में राफेल-तेजस की गर्जना, गरुड़ कमांडो ने दिखाया दम

काशी के आसमान में राफेल-तेजस की गर्जना, गरुड़ कमांडो ने दिखाया दम
  • राफेल, तेजस और सुखोई विमानों ने गंगा के ऊपर दिखाए करतब
  • गरुड़ कमांडो हेलीकॉप्टर से उतरकर जलयानों के डेक पर पहुंचे
  • तिरंगे के साथ तीन स्काई डाइवरों ने किया रोमांचक प्रदर्शन
  • सुरक्षा के लिए गंगा में 80 गोताखोर तैनात, नौका संचालन बंद

Wings Over Ganga Air Show Varanasi: वाराणसी में गंगा की लहरों पर अठखेलियां करती धूप और ऊपर आसमान में दहाड़ते लड़ाकू विमानों को देखकर लोग रोमांचित हो उठे। कभी पलक झपकते ही आंखों से ओझल होता राफेल, तो कभी तेजस की गर्जना के बीच सधी गति  से आगे बढ़ती विमानों की कतार दिखी। शनिवार 24 अक्टूबर 2026 को काशी के आकाश ने भारतीय वायुसेना के शौर्य, सामर्थ्य और आधुनिक युद्ध कौशल की ऐसी तस्वीर उकेरी कि घाटों पर मौजूद हजारों निगाहें आसमान पर टिक गईं। भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के क्रम में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने गंगा की सांस्कृतिक पहचान को सैन्य पराक्रम के रोमांच से जोड़ दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को आगमन से पहले इस आयोजन ने काशी में उत्साह का नया रंग भर दिया।

कुछ ही क्षणों में ओझल विमान

राफेल की तेज गर्जना सुनते ही लोग आसमान की ओर देखने लगे। कुछ ही क्षणों में विमान नजरों से ओझल हो गया, लेकिन उसकी गूंज देर तक महसूस होती रही। स्वदेशी तेजस ने अपनी उड़ान और सटीक फॉर्मेशन से दर्शकों को रोमांचित किया। आईएल-78 एमकेआई टैंकर के साथ चार तेजस विमानों का हवा में ईंधन भरने का अभ्यास और सात लड़ाकू विमानों की एरो फॉर्मेशन ने वायुसेना की तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। दो सुखोई एसयू-30 एमकेआई और पांच तेजस विमानों की संयुक्त उड़ान ने आसमान में अद्भुत दृश्य रचा। सारंग हेलीकॉप्टरों की सधी हुई उड़ानों और तिरंगे की छटा ने इस रोमांच को और यादगार बना दिया।

हेलीकॉप्टर से उतरे कमांडो

एयर शो का सबसे रोमांचक दृश्य तब सामने आया, जब गरुड़ कमांडो हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे गंगा में मौजूद मानेकशा और विवेकानंद जलयानों के डेक पर उतरे। चंद पलों में अपनी स्थिति संभालकर कार्रवाई के लिए तैयार होते कमांडो ने दर्शकों को चकित कर दिया। तीन स्काई डाइवरों का तिरंगे के साथ उतरना भी आकर्षण का केंद्र रहा।

घाटों पर भीड़, गंगा में सुरक्षा का घेरा

नमो घाट से अस्सी घाट तक लोगों की भीड़ रही। छतों और मंदिरों के आसपास से भी लोगों ने विमानों के करतब देखे और मोबाइल कैमरों में दृश्य कैद किए। भीड़ के मद्देनजर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस, सीआरपीएफ और कमांडो तैनात रहे। गंगा में 80 गोताखोर लगाए गए, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के तहत सुबह 10:00 से सायं पांच बजे तक नौका संचालन बंद रखा गया।

गंगा के ऊपर दिखी सैन्य तकनीक की ताकत

  • तेजस: चार विमानों की वी-आकार की फॉर्मेशन और हवा में ईंधन भरने का अभ्यास।
  • राफेल: तेज रफ्तार उड़ान और गर्जना ने दर्शकों को चौंकाया।
  • सुखोई-तेजस: दो सुखोई और पांच तेजस विमानों की एरो फॉर्मेशन।
  • गरुड़ कमांडो: हेलीकॉप्टर से मानेकशा और विवेकानंद जलयानों पर उतरने का प्रदर्शन।
  • सारंग: हेलीकॉप्टरों की सटीक और समन्वित उड़ान।
  • स्काई डाइवर: तिरंगे के साथ आसमान से उतरते तीन स्काई डाइवर रहे खास आकर्षण।