हाइलाइट्स :
• IAEA को गुरुवार तड़के ड्रोन हमले की सूचना मिली
• घटना के समय रिएक्टर यूनिट संचालन में थी
• यूनिट के संचालन मोड में कोई बदलाव नहीं हुआ
• घटना में आग लगने की सूचना नहीं
Drone Attack on Kursk Nuclear Power Plant: रूस के कुर्स्क परमाणु ऊर्जा संयंत्र की एक रिएक्टर इकाई के कूलिंग टावर को गुरुवार तड़के ड्रोन से निशाना बनाए जाने की सूचना मिली है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी IAEA को इस घटना की जानकारी दी गई। एजेंसी के मुताबिक घटना के समय संबंधित रिएक्टर इकाई संचालन में थी, हालांकि उसके संचालन के तरीके में कोई बदलाव नहीं हुआ और आग लगने की भी सूचना नहीं है।
AEA महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि परमाणु प्रतिष्ठानों पर किसी भी तरह के हमले स्वीकार्य नहीं हैं। उनके मुताबिक ऐसे हमलों से परमाणु सुरक्षा और संरक्षा खतरे में पड़ सकती है, चाहे घटना दुनिया के किसी भी हिस्से में हो।
ग्रॉसी ने परमाणु दुर्घटना के जोखिम को रोकने के लिए अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपनी अपील दोहराई। उन्होंने कहा कि परमाणु प्रतिष्ठानों से जुड़ी किसी भी घटना के संभावित परिणाम गंभीर हो सकते हैं और इसलिए सैन्य गतिविधियों में इस जोखिम को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
IAEA को दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ड्रोन हमले के बावजूद रिएक्टर इकाई के संचालन में तत्काल कोई परिवर्तन नहीं किया गया। घटना में आग लगने की बात भी सामने नहीं आई है। हालांकि, परमाणु संयंत्रों के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि को लेकर आईएईए लगातार परमाणु सुरक्षा और संरक्षा के जोखिमों पर चिंता जताता रहा है।