- राहुल-प्रियंका गांधी राजघाट पहुंचे,बापू को दी श्रद्धांजलि
- खड़गे के लंच के बाद राजघाट पहुंचा विपक्षी काफिला
- बुधवार को जंतर-मंतर जाते समय हिरासत में लिए गए थे नेता
- राजघाट पर ढोल-नगाड़ों और पोस्टरों के साथ प्रदर्शन
|
Opposition Protest Against Election Commission: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को राजघाट तक पहुंच गया। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से विपक्षी सांसदों के लिए कनॉट प्लेस में आयोजित लंच के बाद सांसदों का काफिला राजघाट पहुंचा। लगातार दूसरे दिन विपक्षी नेताओं ने लंच के बाद प्रदर्शन का कार्यक्रम बनाया।
इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़े थे । पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। करीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस मामले में कई नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की भी बात सामने आई है।
ढोल नगाड़ों के बीच प्रदर्शन
राजघाट पर प्रदर्शन के लिए कांग्रेस और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने व्यापक तैयारियां कीं। मौके पर ढोल-नगाड़ों के साथ पोस्टर और बैनर लगाए गए। युवा कांग्रेस के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी वहां मौजूद रहे। विपक्षी नेताओं के पहुंचने के साथ प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई।
भाजपा ने किया पलटवार
इस बीच भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के राजघाट मार्च और राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी मामले का फैसला सड़क पर भीड़ जुटाकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अदालत तथ्यों के आधार पर फैसला करती है। भंडारी ने यह भी दावा किया कि 40 से अधिक पूर्व न्यायाधीशों ने इस मुद्दे पर खुला पत्र लिखा है। कांग्रेस ने हालांकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अपना विरोध जारी रखा है।