राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष होंगे शामिल

राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, CM सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष होंगे शामिल
हाइलाइट्स:
• राहुल गांधी की हिरासत पर हिमाचल कांग्रेस का प्रदर्शन
• शिमला में लोकभवन का घेराव
• CM सुक्खू और विनय कुमार होंगे शामिल
• कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र पर हमला
• सुक्खू बोले- सवाल खत्म नहीं होंगे

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस आज शिमला में लोकभवन का घेराव करेगी। कांग्रेस का यह प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू होगा।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल ने बताया कि प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।

राहुल गांधी की हिरासत को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

हिमाचल कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों और असहमति की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है।

सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को हिरासत में लिया जाना लोकतंत्र की हत्या है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेने का मामला नहीं है, बल्कि संविधान, असहमति और जनता की आवाज पर सीधा हमला है।

सुक्खू बोले- आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सवाल उठाया कि जिसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, उसे संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि जनता की आवाज बनकर खड़े लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था है। सुक्खू के मुताबिक, आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे। जनता सब देख रही है और जवाबदेही तय होकर रहेगी।

शिमला में लोकभवन घेराव की तैयारी

हिमाचल कांग्रेस के मुताबिक, लोकभवन घेराव में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू किया जाएगा।

सुक्खू ने कहा कि ऐसी सरकार ने नैतिक रूप से सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है।