Ram Navami 2026: पूरे भारत में भक्ति, परंपरा और उत्साह का संगम

Authored By: News Corridors Desk | 26 Mar 2026, 04:47 PM
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राम नवमी का पर्व पूरे भारत में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में विशेष महत्व रखता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आता है और इसे धार्मिक आस्था का प्रमुख पर्व माना जाता है।

उत्तर भारत में राम नवमी का उत्सव बेहद भव्य होता है, खासकर अयोध्या में, जिसे भगवान राम की जन्मभूमि माना जाता है। इस दिन हजारों श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान करते हैं और मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं। पूरे शहर को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है। जगह-जगह शोभायात्राएं निकाली जाती हैं, जिनमें भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के आकर्षक स्वरूप देखने को मिलते हैं।

दक्षिण भारत में भी राम नवमी का पर्व समान श्रद्धा से मनाया जाता है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और रामायण का पाठ किया जाता है। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो इस पर्व को और भी खास बना देते हैं।

इस दिन व्रत रखने की परंपरा भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। भक्त सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं और दिनभर फलाहार करते हैं। कुछ लोग निर्जला व्रत भी रखते हैं। दोपहर 12 बजे, जिसे भगवान राम के जन्म का समय माना जाता है, विशेष पूजा और आरती की जाती है। इसके बाद प्रसाद वितरित किया जाता है।

घर-घर में भगवान राम की मूर्ति या चित्र को सजाया जाता है। फूल, दीपक और धूप से पूजा कर भक्त अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। इस अवसर पर दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है। लोग जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक चीजें दान करते हैं, जिससे समाज में करुणा और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

आधुनिक समय में, डिजिटल माध्यमों ने इस पर्व को और भी सुलभ बना दिया है। अब लोग ऑनलाइन पूजा और लाइव दर्शन के जरिए घर बैठे ही इस पावन अवसर का हिस्सा बन सकते हैं। इससे दूर-दराज के श्रद्धालुओं को भी जुड़ने का अवसर मिलता है।

इस प्रकार, राम नवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह त्योहार लोगों को एकजुट करता है और भक्ति की भावना को और गहरा करता है।