Delhi-Dehradun Expressway Inauguration : योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, जिससे सहारनपुर सहित आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद सहारनपुर से दिल्ली की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। हालांकि, उन्होंने समय में कमी का अनुमान बताया, जिसे परियोजना के पूरी तरह चालू होने के बाद ही वास्तविक रूप से आंका जा सकेगा।
सीएम योगी ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय उद्योगों, कृषि उत्पादों और खाद्य सामग्री को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कार्यक्रम के दौरान अंबेडकर जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरकार महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण के लिए शेड निर्माण जैसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे उनकी विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।
मुख्यमंत्री ने राज्य में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने “डबल इंजन सरकार” का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास को गति मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) और फिल्म सिटी जैसी परियोजनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं, जो आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी। राजनीतिक संदर्भ में विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को बांटने वाली राजनीति विकास का विकल्प नहीं हो सकती। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश कई चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है।
इस कार्यक्रम में आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। इसके अलावा पंकज चौधरी, ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए जनता से समर्थन बनाए रखने की अपील की।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम विकास परियोजनाओं के प्रचार और सरकार की उपलब्धियों को सामने रखने का मंच रहा, जहां कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और विरासत संरक्षण पर जोर दिया गया।