टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उम्र, रिटायरमेंट और परिवार की भूमिका पर ऐसी टिप्पणी की है, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है। योगराज सिंह का मानना है कि किसी खिलाड़ी के करियर का फैसला उसकी उम्र से नहीं, बल्कि उसकी फिटनेस और प्रदर्शन से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में लोग जल्दी खुद को बूढ़ा मान लेते हैं, जो सही सोच नहीं है।
एक इंटरव्यू में योगराज सिंह ने कहा कि 40 साल की उम्र के बाद लोग खुद को कमजोर समझने लगते हैं, जबकि ऐसा होना जरूरी नहीं है। उन्होंने महिलाओं को लेकर भी बयान दिया, जिसमें कहा कि अक्सर पत्नियां खिलाड़ियों को रिटायर होने की सलाह देती हैं और परिवार पर ध्यान देने के लिए कहती हैं। योगराज सिंह के इस बयान को लेकर काफी आलोचना हो रही है, क्योंकि कई लोग इसे महिलाओं की भूमिका को कम करके आंकने वाला मान रहे हैं।
योगराज सिंह ने आगे कहा कि एक खिलाड़ी का जीवन अलग होता है और उसे पूरी तरह खेल के लिए समर्पित रहना चाहिए। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को बाहरी दबाव से दूर रहकर अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक खिलाड़ी फिट है और अच्छा खेल सकता है, तब तक उसे खेलते रहना चाहिए। उनके इस विचार ने खेल जगत में बहस को जन्म दे दिया है कि क्या वास्तव में उम्र से ज्यादा प्रदर्शन मायने रखता है या नहीं।
इस दौरान योगराज सिंह ने विराट कोहली और रोहित शर्मा का जिक्र करते हुए कहा कि ये खिलाड़ी अभी भी फिट हैं और उन्हें रिटायरमेंट के बारे में नहीं सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपनी काबिलियत दुनिया को दिखानी चाहिए और खुद को साबित करना चाहिए। हालांकि, उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जहां कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं तो कई लोग इसे गलत और विवादित बता रहे हैं।