बिहार से दिल्ली पहुंचकर CM नीतीश ने दिया पहला बयान जानिए की क्या कहा

Authored By: News Corridors Desk | 09 Apr 2026, 05:36 PM
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Nitish Kumar reached Delhi: बिहार के नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनकी यह यात्रा 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के सिलसिले में है। इससे पहले नीतीश कुमार ने हाल ही में MLC सीट से इस्तीफा दिया था, जिससे कयासों को पुष्टिकरण मिल गया कि बिहार में मुख्यमंत्री बदलने जा रहे हैं। नीतीश कुमार साल 2005 से लगातार (बीच में 9 महीने छोड़कर) बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहे हैं। उनके इस निर्णय के साथ वह लंबे समय बाद केंद्र की राजनीति में वापस आ रहे हैं।

दिल्ली पहुंचने पर नीतीश कुमार का बयान

दिल्ली पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “20 साल तक वहां (बिहार) में रहे हैं। अब यहां (दिल्ली) में भी काम करेंगे। इसलिए वापस आ गए हैं यहां।” उनके साथ इस अवसर पर संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार के बयान से साफ है कि उनका फोकस अब राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण और राजनीतिक योगदान पर होगा, हालांकि उन्होंने बिहार में बने अपने मॉडल और शासन पद्धति की विरासत को भी महत्व दिया है।

बिहार में आगे भी नीतीश मॉडल चलेगा

बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने इस बीच कहा कि बिहार में आगे भी नीतीश कुमार के बताए रास्ते पर ही सरकार चलेगी। उन्होंने कहा, “20 साल से बिहार नीतीश कुमार के मॉडल पर चला है। बिहार में आगे भी वही मॉडल लागू रहेगा। नीतीश मॉडल पर बिहार ने जो ऊंचाई हासिल की है, वह अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक रही है।” विजय चौधरी ने यह भी बताया कि नीतीश कुमार की विरासत को ध्यान में रखते हुए नई सरकार काम करेगी। उन्होंने निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने का भी उल्लेख किया और कहा कि पार्टी संगठन में नए और युवा नेतृत्व को भी शामिल किया जा रहा है।

नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत

नीतीश कुमार के लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल में बिहार ने कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को अपनाया। उनके नेतृत्व में राज्य ने शिक्षा, सड़क निर्माण, औद्योगिक विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। बिहार में उनके शासन मॉडल की सफलता को अक्सर अन्य राज्यों के लिए आदर्श माना जाता रहा है। अब नीतीश कुमार केंद्र स्तर पर राज्य और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर काम करेंगे। उनके राज्यसभा में जाने के बाद बिहार में मुख्यमंत्री का पद अन्य नेता संभालेंगे, लेकिन वर्तमान नीति और मॉडल की निरंतरता सुनिश्चित रहेगी।