उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर एक शायरी साझा की, जिसमें लिखा था, “शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो वो टूट भी सकती है।” इस पोस्ट के बाद यूपी की राजनीति में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषक इस पोस्ट को मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह अपने बेटे प्रतीक सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करवाना चाहते थे। हालांकि इसको लेकर उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कभी कुछ नहीं कहा, लेकिन लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं चलती रही हैं।
सूत्रों की मानें तो इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। चर्चा यह भी है कि संभावित सूची में किसी ठाकुर नेता को जगह नहीं मिली है, जिसके चलते बृजभूषण के पोस्ट को नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का फोकस ब्राह्मण, जाट, दलित, पासी, वाल्मीकि, लोधी और अति पिछड़ा वर्ग जैसे समुदायों को प्रतिनिधित्व देने पर बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार में करीब आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है, जबकि कुछ मौजूदा राज्य मंत्रियों को पदोन्नति देकर कैबिनेट या स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है।
इसी बीच बृजभूषण शरण सिंह का वायरल पोस्ट यूपी की राजनीति में नए संकेत और चर्चाओं को जन्म दे रहा है। हालांकि बीजेपी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।