MIFF-2026 में 'भारती और बीबो' का हुआ विश्व प्रीमियर

MIFF-2026 में 'भारती और बीबो' का हुआ विश्व प्रीमियर

19वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव MIFF-2026 में हिंदी एनिमेटेड श्रृंखला ' भारती और बीबो' का विश्व प्रीमियर हुआ। राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम NFDC और पपेटिका मीडिया द्वारा निर्मित इस फिस्म का निर्देशन स्नेहा रविशंकर ने किया है।

श्रृंखला का आरंभिक परिचय देते हुए स्नेहा रविशंकर ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया और इसके निर्माण में एनएफडीसी के सहयोग की चर्चा की। श्रृंखला के औपचारिक अस्वीकरण Disclaimer में स्पष्ट किया गया है कि भारत की महान महिलाओं की कहानियां श्रद्धांजलि स्वरुप असंपादित और मूल रूप में प्रस्तुत की गई हैं।

नन्ही भारती और उसकी जादुई साथी बीबो के माध्यम से बयां की गई इस कहानी की प्रत्येक श्रृंखला की शुरुआत एक सहगान से होती है जो रोजमर्रा की भूमिकाओं में महिलाओं का गुणगान करता है, जैसे ड्राइवर, देखभाल करने वाली घरेलू महिला, कथक नर्तकी, किसान, जिम्नास्ट और कलाकार।  इस गायन में सार्वभौमिक स्वर गूंजता है: " नारी में देवी में, मुझसे है सब कुछ, मुझमें है सब कुछ" । यह विविधतापूर्ण प्रस्तुति महान महिलाओं की रूढ़िवादी छवि को नकारती है।

यह श्रृंखला भारत की चार महान महिलाओं की वास्तविक कहानी प्रस्तुत करती है। अहिल्याबाई होलकर श्रृंखला में मराठा रानी के इंदौर के शाही परिवार से आगे बढ़कर कर्तव्य पालन में उनकी प्रशासनिक कुशलता और कूटनीतिक क्षमता दर्शायी गई है।

रानी दुर्गावती गोंडवाना की रानी के शासनकाल और मुगल साम्राज्य अकबर की अधीनता के प्रति उनके विद्रोह की कहानी प्रस्तुत करती है। अकबर के आदमियों ने उन्हें " वो तो महज़ एक औरत है " कहकर खारिज कर दिया था, लेकिन रानी दुर्गावती के दृढ़ संकल्प ने उन्हें उनकी शक्ति को स्वीकार करने पर विवश कर दिया।

रानी राशमोनी कोलकाता की समाज सुधारक महिला की कहानी है, जिन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी को चुनौती दी, जन कल्याणकारी ढांचा तैयार किया और ईश्वर चंद्र विद्यासागर के साथ मिलकर कई सुधारों को आगे बढ़ाया, जिनमें बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून भी शामिल है। वे दक्षिणेश्वर काली मंदिर की संस्थापिका भी थीं।

सालुमरदा थिम्मक्का कर्नाटक की पर्यावरणविद्, का चित्रण अलग लहजे में किया गया है। औपचारिक शिक्षा से वंचित और कम उम्र में शादी और घर परिवार की जिम्मेदारी के बीच भी पर्यावरण के प्रति प्रेम के कारण उन्होंने सैकड़ों पेड़ लगाए और अपने बच्चों की उन्हें पाल-पोस कर बड़ा किया।