नालंदा शीतला मंदिर हादसा: नेताओं की प्रतिक्रिया, सुरक्षा सख्त और जांच तेज

Authored By: News Corridors Desk | 31 Mar 2026, 02:48 PM
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Nalanda Sheetla Mata Mandir Stampede : बिहार के नालंदा में शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस भगदड़ हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और राज्य के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां नवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने सभी अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा अब सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। पीएम मोदी ने राहत की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हर मृतक के परिवार को कुल 6 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिसमें 4 लाख रुपये आपदा प्रबंधन विभाग से और 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की कमी न रहने दी जाए। उन्होंने इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताते हुए कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

 डिप्टी सीएम और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी ने भी इस हादसे पर दुख जताया। दोनों नेताओं ने इसे बेहद दर्दनाक घटना बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने भी घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और प्रशासन से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।

 तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल, जांच की मांग

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद उचित व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। तेजस्वी यादव ने मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सहायता और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की बात कही।

क्या हुआ था हादसे के दिन?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के कारण मंदिर में सुबह से ही भारी भीड़ जमा थी। लोग लंबी कतारों में खड़े थे और जल्दी दर्शन करने की होड़ लगी हुई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने कतार तोड़ दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ हो गई। इस हादसे में कई महिलाएं और बच्चे भी इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया और मेला परिसर को खाली कराया। फिलहाल मंदिर को बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

जांच के आदेश और राष्ट्रपति का दौरा

सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही पटना से कमिश्नर को मौके पर भेजा गया है, जो पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इसी बीच नालंदा में द्रौपदी मुर्मू के दौरे को लेकर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। वह राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इस वजह से पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है।