TCS Nashik Case 2026 : यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण आरोपों पर बड़ा अपडेट, SIT-ATS जांच तेज

TCS Nashik Case 2026 : यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण आरोपों पर बड़ा अपडेट, SIT-ATS जांच तेज

Tata Consultancy Services के नासिक BPO केंद्र से जुड़ा यौन उत्पीड़न और कथित धर्मांतरण का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक इस मामले में कई महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने कम से कम 9 FIR दर्ज की हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। नासिक पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है, जो डिजिटल सबूत, ईमेल और चैट रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। साथ ही, कुछ मामलों में आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड भी लिया गया है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी लंबे समय से महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह कोई संगठित नेटवर्क था। इसी वजह से मामले में Maharashtra Anti-Terrorism Squad (ATS) और अन्य एजेंसियों को भी शामिल किया गया है, ताकि किसी बाहरी फंडिंग या बड़े नेटवर्क की संभावना की जांच की जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ आरोपियों या संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है, जिनमें एक महिला कर्मचारी के फरार होने की बात भी सामने आई है और उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए अलग टीमें बनाई गई हैं।

कंपनी की ओर से भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया गया है। TCS ने सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है और एक इंटरनल जांच शुरू की है। इसके लिए बाहरी एजेंसियों जैसे Deloitte और कानूनी फर्म को भी शामिल किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मीडिया में जिस महिला को HR मैनेजर बताया जा रहा था, वह उस पद पर नहीं थी। इसके अलावा, सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वहीं, National Commission for Women (NCW) ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई है, जो मौके पर जाकर जांच कर रही है। ताजा अपडेट के अनुसार, अभी तक आधिकारिक POSH (यौन उत्पीड़न शिकायत प्रणाली) के तहत शिकायत दर्ज न होने का मुद्दा भी जांच के दायरे में है, जिससे कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। कुल मिलाकर, यह मामला अब केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कानूनी, सामाजिक और सुरक्षा से जुड़े कई पहलू सामने आ रहे हैं। आने वाले दिनों में SIT, ATS और अन्य एजेंसियों की रिपोर्ट से ही साफ होगा कि इन गंभीर आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी।