लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया। इस बहस में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “मैजिशियन” यानी “जादूगर” कह दिया, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। राहुल गांधी अपने भाषण में सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि “जादूगर पकड़ा गया है” और बालाकोट, नोटबंदी जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, वे अपनी बात पूरी कर पाते उससे पहले ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया और सदन का माहौल गरम हो गया।
सत्ता पक्ष ने इस बयान को संसद की मर्यादा के खिलाफ बताया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को जिम्मेदारी से बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को इस तरह के शब्दों से संबोधित करना उचित नहीं है, क्योंकि वे 140 करोड़ लोगों द्वारा चुने गए नेता हैं। उनके अनुसार, इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सिर्फ प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि देश की जनता का भी अपमान है, जिसने उन्हें चुना है।
उन्होंने आगे मांग की कि राहुल गांधी के इस बयान को संसद की कार्यवाही से हटाया जाए और उनसे देश से माफी मांगने की अपेक्षा की जाए। सत्ता पक्ष का कहना था कि संसद जैसे गंभीर मंच पर इस तरह की भाषा उचित नहीं है और इससे सदन की गरिमा प्रभावित होती है।
वहीं विपक्ष का रुख था कि वे सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे हैं और लोकतंत्र में सवाल उठाना उनका अधिकार है। लेकिन इस बयान के बाद बहस ने राजनीतिक रूप ले लिया और सदन का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।