Nashik TCS Conversion Controversy: महाराष्ट्र के नासिक में TCS कार्यालय से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नासिक पुलिस और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे छत्रपति संभाजीनगर के नाइगांव क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। अब पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ की तैयारी कर रही है।
कैसे सामने आया ये पूरा मामला ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब TCS में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कार्यालय में काम करने वाली कुछ महिलाओं ने उस पर धार्मिक प्रभाव डालने और एक विशेष धर्म अपनाने के लिए मानसिक दबाव बनाया। पीड़िता का दावा है कि शुरुआत दोस्ती और धार्मिक चर्चाओं से हुई थी। धीरे-धीरे उसे धार्मिक सभाओं, ऑनलाइन ग्रुप्स और कुछ विशेष गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की गई। शिकायत के अनुसार उसे धार्मिक साहित्य, वीडियो लिंक और मोबाइल एप्लिकेशन भेजे गए, जिनके जरिए कथित तौर पर धार्मिक विचारधारा से प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
हिजाब और बुर्का पहनने का भी आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बयान में कहा कि उसे हिजाब और बुर्का पहनने के लिए भी प्रेरित किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिलाओं ने पीड़िता को धार्मिक रूप से प्रभावित करने के उद्देश्य से लगातार संपर्क बनाए रखा।
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SIT जांच में क्या सामने आया?
मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस आयुक्त ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। SIT पिछले लगभग 25 दिनों से इस मामले की जांच में जुटी हुई थी। जांच टीम ने अदालत को बताया कि आरोपी निदा खान से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है, क्योंकि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, चैट रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों की जांच की जानी है। पुलिस का यह भी मानना है कि मामले के तार नासिक के बाहर दूसरे शहरों तक जुड़े हो सकते हैं।
अग्रिम जमानत याचिका हुई थी खारिज
गिरफ्तारी से बचने के लिए निदा खान ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। हालांकि अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी से पूछताछ किए बिना जांच पूरी नहीं हो सकती। इसके बाद अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। जमानत खारिज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी थी।
पति से पूछताछ और कई जगह छापेमारी
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पति से भी पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन लंबे समय तक आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी और उसके कुछ रिश्तेदारों के मोबाइल फोन बंद मिले थे, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही थी। आखिरकार तकनीकी निगरानी और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसे छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया।
TCS कार्यालय में विवाद क्यों बढ़ा?
मामला केवल व्यक्तिगत बातचीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्यालय के माहौल को लेकर भी सवाल उठे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे लगातार धार्मिक चर्चाओं में शामिल किया जाता था और मानसिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।हालांकि TCS की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। कंपनी फिलहाल जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है। पुलिस अब निदा खान को अदालत में पेश कर रिमांड मांग सकती है, ताकि मामले से जुड़े डिजिटल उपकरणों, संपर्कों और कथित नेटवर्क की विस्तार से जांच की जा सके। वहीं दूसरी ओर, आरोपी पक्ष इन आरोपों को गलत और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मामला बता रहा है।
फिलहाल यह मामला महाराष्ट्र में काफी चर्चा में है और जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की हर एंगल से जांच कर रही हैं।