दिल्ली। मौसम विज्ञान विभाग IMD का अनुमान है कि अगले चौबीस घंटे में उत्ररी और उत्तर पश्चिमी भारत में तापमान से कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है। इसका मतलब ये हुआ कि उत्तर भारत में सूरज की तपन और लू की स्थिति बनी रहेगी।
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 7 दिनों तक कई क्षेत्रों में , विशेष रूप से उत्तर पश्चिम भारत में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में रात में गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है, जिससे रात के समय लू लगने की समस्या और बढ़ जाएगी।
कब मिलेगी राहत
विभाग ने कहा है कि उत्तर-पश्चिमी भारत में अधिकतम तापमान में 27 अप्रैल तक कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा, जिसके बाद धीरे-धीरे गिरावट आएगी , जबकि मध्य और अन्य क्षेत्रों में पूर्वानुमान अवधि के दौरान तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि और उसके बाद गिरावट देखी जा सकती है।
कहां तापमान सबसे ज्यादा
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक़ उत्तर-पश्चिमी, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान वर्तमान में 40° सेल्सियस से 44° सेल्सियस के बीच है, जिसमें श्री गंगानगर (राजस्थान) में उच्चतम तापमान 44.5° सेल्सियस दर्ज किया गया है। कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 5° सेल्सियस या उससे अधिक देखा गया है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तापीय तनाव की आशंका को दर्शाता है।
लू की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लू की स्थिति को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश और सलाह जारी की है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है और सामान्य से अधिक गर्मी की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विज्ञान विभाग IMD ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है।
रातें भी होंगी गर्म
उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में रातें गर्म रहने की संभावना है, जिससे असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और बढ़ सकते हैं। साथ ही, तटीय और पूर्वी क्षेत्रों में गर्म और उमस भरे मौसम की आशंका है।
लू को लेकर दिशानिर्देश
IMD ने लू से बचाव के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं और नागरिकों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें सीधे धूप में लंबे समय तक रहने से बचना, विशेष रूप से दोपहर के चरम समय में, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के और हवादार कपड़े पहनना और उच्च तापमान के दौरान कठिन बाहरी गतिविधियों से बचना शामिल है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित व्यक्तियों जैसे संवेदनशील समूहों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।