महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े एक चर्चित आईटी कंपनी विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले में कई महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। इस केस में सामने आए आरोपों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और कथित धार्मिक दबाव जैसी गंभीर बातें शामिल हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी और फिलहाल इन्हें शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया है।
मामले में एक प्रमुख नाम निदा खान के रूप में सामने आया है, जो फिलहाल जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया है। उनके परिवार की ओर से यह दावा किया गया है कि वह गर्भवती हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, निदा खान फिलहाल जांच में शामिल नहीं हुई हैं और उनकी तलाश की जा रही है। उनके Mumbai में होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इस पर भी आधिकारिक बयान सीमित है।
इस मामले में कई महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें लंबे समय तक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने कंपनी के एचआर विभाग में शिकायत की, तो कथित तौर पर उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इन आरोपों ने कंपनी की आंतरिक कार्यप्रणाली और शिकायत निवारण प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब तक कुल नौ शिकायतों की जांच कर रही है, जिनमें यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े आरोप शामिल हैं। इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच जारी है।
जांच को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, 2022 से 2026 के बीच की घटनाओं को खंगाला जा रहा है और पीड़ितों के बयान इस केस में अहम साक्ष्य साबित हो सकते हैं।
वहीं, संबंधित कंपनी ने भी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कुछ कर्मचारियों को निलंबित किया है और “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात कही है।
फिलहाल, यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है—क्या यह घटनाएं कुछ व्यक्तियों तक सीमित हैं या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है। आने वाले समय में अदालत के फैसलों और जांच एजेंसियों की कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।