LPG Crisis 2026: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच गैस संकट पर अखिलेश यादव का हमला, कहा - LPG का संकट है उससे निपटने के लिए मैंने अपने घर में मिट्टी का चूल्हा मंगवा लिया है

Authored By: News Corridors Desk | 26 Mar 2026, 05:37 PM
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ईरान-इजरायल युद्ध के चलते भारत में LPG (रसोई गैस) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने LPG संकट को लेकर व्यंग्य करते हुए कहा कि अब “LPG का मतलब ‘लापता गैस’ हो गया है”, जिससे जनता की परेशानी साफ दिखाई देती है।

अखिलेश यादव का सरकार पर बड़ा हमला

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन रहे हैं कि लोगों का गैस सिलेंडर पर भरोसा कम होता जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“एक कचौरी, एक समोसा… अब नहीं रहा गैस पर भरोसा।”

इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति लोगों को कोरोना काल की याद दिला रही है, जब जरूरी चीजों की भारी कमी देखने को मिली थी।

ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर

दरअसल, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है।

भारत अपनी लगभग 90% LPG जरूरतें आयात करता है
होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण सप्लाई प्रभावित हुई
कई टैंकर फंसे होने की खबरें सामने आईं
गैस की उपलब्धता को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी

इस वजह से देश के कई हिस्सों में गैस की सप्लाई बाधित होने और लंबी लाइनों की खबरें सामने आई हैं।

जमीनी असर: आम जनता और कारोबार पर दबाव

LPG संकट का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर बड़े स्तर पर दिख रहा है:

होटल और रेस्टोरेंट को वैकल्पिक ईंधन अपनाना पड़ रहा है
कई जगह ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें
शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों पर भी असर
घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ

यह संकट आम लोगों के दैनिक जीवन और छोटे व्यवसायों को सीधे प्रभावित कर रहा है।

सरकार का जवाब: “घबराने की जरूरत नहीं”

हालांकि, केंद्र सरकार ने LPG संकट की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि:

देश में लगभग 60 दिनों का पर्याप्त फ्यूल स्टॉक मौजूद है
सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है
संकट की खबरों को “भ्रामक जानकारी” बताया गया है

सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

सियासत बनाम हकीकत: क्या है सच?

एक तरफ विपक्ष सरकार पर असफल प्रबंधन का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार स्थिति को नियंत्रण में बता रही है।

सच यह है कि:

वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत पर पड़ रहा है
सप्लाई चेन प्रभावित हुई है
लेकिन सरकार इसे नियंत्रित करने का दावा कर रही है

LPG संकट को लेकर देश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान-इजरायल युद्ध का असर भारत तक पहुंचा है, लेकिन स्थिति कितनी गंभीर है, इस पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह सिर्फ अफवाह है या वास्तव में एक बड़ा ऊर्जा संकट बनने वाला है।