Ram Navami 2026 : राम नवमी का महत्व और इतिहास

Authored By: News Corridors Desk | 26 Mar 2026, 04:24 PM
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राम नवमी हिंदू धर्म का एक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। हर साल यह पर्व चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आता है। मान्यता है कि इसी दिन अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर Lord Rama का जन्म हुआ था।

भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। इसका मतलब है कि वे ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने हमेशा सही रास्ता अपनाया और अपने जीवन में आदर्शों का पालन किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए, बड़ों का सम्मान करना चाहिए और अपने कर्तव्यों को निभाना चाहिए।

राम नवमी का इतिहास बहुत पुराना है। इसका वर्णन हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथ Ramayana में मिलता है। इस ग्रंथ में भगवान राम के जन्म, उनके जीवन और उनके संघर्षों के बारे में विस्तार से बताया गया है। अयोध्या को भगवान राम की जन्मभूमि माना जाता है, इसलिए इस दिन वहां विशेष उत्सव होता है।

राम नवमी के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और साफ कपड़े पहनते हैं। घर और मंदिरों को सजाया जाता है। भगवान राम की पूजा की जाती है और भजन-कीर्तन गाए जाते हैं। कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं और पूरे दिन भगवान का स्मरण करते हैं।

दोपहर 12 बजे को भगवान राम के जन्म का समय माना जाता है। इस समय मंदिरों में विशेष पूजा होती है। घंटियां बजाई जाती हैं, आरती की जाती है और प्रसाद बांटा जाता है। कुछ जगहों पर झांकियां और शोभायात्राएं भी निकाली जाती हैं, जिनमें राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के रूप दिखाए जाते हैं।

राम नवमी हमें अच्छे जीवन की सीख देती है। भगवान राम ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया, जैसे 14 साल का वनवास और रावण से युद्ध। फिर भी उन्होंने कभी धैर्य नहीं खोया और हमेशा धर्म का साथ दिया। इसलिए उनका जीवन हमारे लिए एक प्रेरणा है।

आज के समय में भी राम नवमी का महत्व बना हुआ है। यह त्योहार हमें अपने परिवार, समाज और देश के प्रति जिम्मेदार बनने की सीख देता है। इस दिन लोग दान करते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं।

 राम नवमी केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें सही रास्ते पर चलने और अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देता है।