बिहार को मिला नया मुख्यमंत्री, कौन हैं सम्राट चौधरी?

Authored By: News Corridors Desk | 14 Apr 2026, 03:51 PM
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बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है और वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। उनका राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव, अनुभव और दल-बदल के दौर से गुजरते हुए यहां तक पहुंचा है। सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार के एक प्रमुख समाजवादी नेता रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में ही सम्राट चौधरी ने राजनीति में कदम रखा और शुरुआती दौर में ही सक्रिय हो गए।


उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की थी। इसी दौरान उन्होंने लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में राजनीति के शुरुआती गुर सीखे। बाद में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) का रुख किया और अंततः भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर अपनी नई राजनीतिक पहचान बनाई। 16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी की निजी जिंदगी भी काफी सादगी भरी मानी जाती है। उनकी पत्नी का नाम ममता कुमारी है। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी माता का नाम पार्वती देवी है। उनके पिता शकुनी चौधरी का राजनीतिक प्रभाव उनके करियर में महत्वपूर्ण रहा है।


सम्राट चौधरी पहली बार चर्चा में तब आए जब कम उम्र में मंत्री बनने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। उस समय उनकी उम्र को लेकर सवाल उठे थे और दस्तावेजों में असमानता की बात सामने आई थी। हालांकि, इस विवाद के बाद भी उन्होंने राजनीति में अपनी सक्रियता बनाए रखी और धीरे-धीरे खुद को स्थापित किया। उन्होंने विभिन्न सरकारों में मंत्री के रूप में काम किया और प्रशासनिक अनुभव हासिल किया। वर्ष 2014 में जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया, तब सम्राट चौधरी उस सरकार का हिस्सा रहे थे।
उनके राजनीतिक जीवन में समय-समय पर विवाद भी जुड़े रहे हैं, जिनमें उनकी शैक्षणिक योग्यता और कुछ बयानों को लेकर आलोचना शामिल रही है। हालांकि, इन सबके बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत बनाए रखा और संगठन में अपनी पकड़ बनाई।


सम्राट चौधरी अब बिहार के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने उपमुख्यमंत्री पद से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया है। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल कर्पूरी ठाकुर को ही हासिल थी। अब मुख्यमंत्री के रूप में उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिनमें राज्य का विकास, रोजगार सृजन, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
कुल मिलाकर, सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर अनुभव, संघर्ष और बदलावों से भरा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने नेतृत्व में बिहार को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं और जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।