नोएडा में सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद मंगलवार को भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए। निजी कंपनियों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार सड़कों पर प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी और झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
सोमवार को हुए प्रदर्शन में कई स्थानों पर तोड़फोड़ और हिंसा देखने को मिली थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की। सरकार द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार यह अंतरिम वेतन वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी। विभिन्न श्रेणियों में मजदूरी में अधिकतम लगभग 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि, सरकार के इस फैसले के बावजूद प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि बढ़ोतरी उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है और महंगाई के हिसाब से अभी भी वेतन अपर्याप्त है। इसी कारण मंगलवार को भी कई औद्योगिक क्षेत्रों और सड़कों पर प्रदर्शन जारी रहा।
इसी बीच एक नई स्थिति तब सामने आई जब घरेलू कामगारों ने भी अपनी मांगों को लेकर विरोध शुरू कर दिया। नोएडा के सेक्टर 121 स्थित एक सोसाइटी के बाहर काम करने वाली मेड और सफाई कर्मी महिलाओं ने अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह प्रदर्शन उग्र हो गया और कुछ महिलाओं द्वारा पथराव की घटनाएं भी सामने आईं।
सोसाइटी में काम करने वाले अन्य मजदूर भी इस विरोध में शामिल हो गए और सड़क पर जमकर हंगामा किया। इससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों में भी डर और असुरक्षा की भावना देखी गई।
घरेलू कामगारों की मुख्य मांग वेतन में वृद्धि और काम के बेहतर हालात सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।