गुरुग्राम हिंसा में बड़ा खुलासा: व्हाट्सएप चैट से सामने आई दंगा भड़काने की साजिश

Authored By: News Corridors Desk | 15 Apr 2026, 03:44 PM
news-banner

आईएमटी मानेसर में हुए बवाल के पीछे सुनियोजित प्लान का संकेत, मैनेजर को निशाना बनाने की थी तैयारी। पुलिस जांच में संदिग्ध चैट और कई अहम सुराग मिले, 60 से ज्यादा लोग गिरफ्तार।

व्हाट्सएप चैट से खुली साजिश की परतें, कैसे रची गई साजिश?
Gurugram के आईएमटी मानेसर में 9 अप्रैल को हुए हिंसक बवाल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल से मिली व्हाट्सएप चैट में यह संकेत मिला है कि हिंसा अचानक नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। चैट में कंपनी के एक मैनेजर को निशाना बनाने और इसके जरिए दंगा भड़काने की योजना का जिक्र सामने आया है। जांच के दौरान सामने आए संदेशों में लिखा गया कि “मैनेजर को मारना है”, जबकि एक अन्य मैसेज में पुलिस की मौजूदगी का जिक्र करते हुए  पीछे से हमला करने और आग लगाने की बात कही गई।
कुछ संदेशों में रात के समय पेट्रोल बम से कंपनी में आग लगाने और शराब ठेके से सामान लाने जैसी बातें भी सामने आई हैं।  इसके अलावा, ग्रुप में वॉइस मैसेज के जरिए भी निर्देश दिए गए थे।

कंपनियों से कोई संबंध नहीं, बाहर से आए दंगा फैलाने ?

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह पूरी घटना सुनियोजित थी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कंपनी के मैनेजर पर हमला कर औद्योगिक क्षेत्र में तनाव और हिंसा फैलाने की कोशिश की गई थी, जिससे हालात बेकाबू हो सकें। जांच में यह भी सामने आया है कि कई गिरफ्तार आरोपी स्थानीय कंपनियों में काम ही नहीं करते थे। इन लोगों ने हड़ताल कर रहे मजदूरों को उकसाकर तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर पथराव के लिए भड़काया था। अब तक इस मामले में 61 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें करीब 15 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल कई आरोपी ‘इंकलाब मजदूर संगठन’ से जुड़े हुए हैं, जो कोई पंजीकृत संगठन नहीं है। मुख्य आरोपियों में आकाश, हरीश चंद, पिंटू कुमार यादव, राजू सिंह, श्यामबीर और अजीत सिंह समेत कई अन्य लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

वायरल चैट पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं

हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही व्हाट्सएप चैट को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। फरीदाबाद और नोएडा जैसे इलाकों में पहले हुई घटनाओं को देखते हुए पुलिस पहले से सतर्क थी। गुरुग्राम के पथरेड़ी-बिलासपुर इलाके में जब श्रमिक वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर जुटे, तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित कर लिया। आईएमटी मानेसर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली हिंसा के पीछे क्या केवल असंतोष होता है  या फिर इसके पीछे संगठित साजिश भी हो सकती है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।