राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और संस्थानों पर ED की छापेमारी से बढ़ी सियासी हलचल। भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने इसे चुनावी रणनीति करार देते हुए केंद्र पर साधा निशाना।
अशोक मित्तल के घर और संस्थानों पर ED की कार्रवाई
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Ashok Mittal के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई पंजाब के जालंधर और फगवाड़ा समेत कई स्थानों पर की गई, जहां उनके घर, कारोबारी संस्थान और अन्य परिसरों की जांच की गई। अशोक मित्तल हाल ही में Raghav Chadha की जगह राज्यसभा में AAP के डिप्टी लीडर बनाए गए थे। इस जिम्मेदारी के कुछ ही समय बाद ED की यह कार्रवाई हुई, जिससे राजनीतिक हलकों में इसकी टाइमिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
किस मामले में हो रही जांच?
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े मामले में की जा रही है। ED की टीमें अशोक मित्तल के कारोबारी लेन-देन और विदेशी फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बताते हुए कहा कि यह आगामी चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह “टिपिकल स्टाइल” है और उनकी पार्टी दबाव में आने वाली नहीं है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता इसका जवाब देगी।
राजनीतिक मायने और बढ़ती हलचल
इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को गर्मा दिया है। एक तरफ जहां ED की कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर AAP इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर पेश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों के मद्देनजर यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में रह सकता है। अशोक मित्तल पर ED की कार्रवाई ने एक बार फिर एजेंसियों के इस्तेमाल और राजनीति के बीच बहस को तेज कर दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच के नतीजे क्या निकलते हैं और इसका पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।