सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को मिली ट्रांजिट बेल पर लगाई रोक, असम केस में मांगा जवाब

Authored By: News Corridors Desk | 15 Apr 2026, 12:55 PM
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तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली एक हफ्ते की राहत पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक। असम सरकार की याचिका पर नोटिस जारी, अब आगे की सुनवाई पर टिकी नजर।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ट्रांजिट बेल पर रोक

कांग्रेस नेता Pawan Khera को राहत देने वाले तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत (anticipatory bail) को फिलहाल प्रभावी नहीं रहने दिया। यह फैसला असम सरकार की याचिका पर आया, जिसमें हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।

असम सरकार की अपील पर नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले में पवन खेड़ा को नोटिस जारी करते हुए तीन हफ्तों में जवाब मांगा है। यह मामला अब आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पवन खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उनके रास्ते में बाधा नहीं बनेगा।

क्या है पूरा मामला? असम में दर्ज हुआ केस

यह मामला Himanta Biswa Sarma की पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़ा है।  पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उनके पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियों को लेकर गंभीर अनियमितताएं हैं। इन आरोपों के बाद असम पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।

तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली थी राहत

इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की अदालत में जाकर नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकें। लेकिन असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और इसे “फोरम शॉपिंग” यानी अलग-अलग जगह से राहत लेने की कोशिश बताया।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुई दलीलें

असम सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी ने तेलंगाना हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र का गलत इस्तेमाल किया।  यह भी आरोप लगाया गया कि दस्तावेजों के आधार पर अदालत को गुमराह किया गया। इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का फैसला लिया।

आगे क्या होगा?

अब इस मामले में आगे की दिशा सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई तय करेगी। पवन खेड़ा के पास विकल्प है कि वे असम की अदालत में जाकर अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करें। 
वहीं, राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।