जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन पर पीएम मोदी बोले- ऊर्जा संकट का बोझ जनता पर नहीं पड़ेगा

Authored By: News Corridors Desk | 28 Mar 2026, 02:45 PM
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। खासकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव की खबरों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। जब इन देशों के बीच हमला और जवाबी कार्रवाई हुई, तब किसी ने नहीं सोचा था कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। लेकिन अब यह स्थिति धीरे-धीरे एक बड़े वैश्विक संकट (ग्लोबल क्राइसिस) का रूप लेती नजर आ रही है।

इस तनाव का सबसे बड़ा असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ा है। दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसकी एक बड़ी वजह है होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे दुनिया का सबसे अहम एनर्जी कॉरिडोर माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। अगर इस रास्ते में कोई रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों पर असर पड़ता है। ईरान से जुड़े तनाव के बाद इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका नतीजा यह हुआ कि कई देशों में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। खासकर पाकिस्तान जैसे देशों में ईंधन महंगा हो गया है, जिससे आम लोगों पर सीधा असर पड़ा है।

ऐसी स्थिति में दुनिया के कई देश अब ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य ग्रीन एनर्जी विकल्पों पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में तेल और गैस पर निर्भरता कम हो सके। इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों को बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस वैश्विक संकट का बोझ आम जनता पर नहीं पड़ने देगी। यह बात उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के उद्घाटन के मौके पर कही। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के नोएडा में बनाया गया है और देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि सरकार हर संभव कोशिश कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भारत के नागरिकों पर कम से कम पड़े।

भारत सरकार पहले से ही इस दिशा में कई कदम उठा रही है। देश अलग-अलग देशों से तेल खरीद रहा है, ताकि किसी एक जगह पर निर्भरता कम हो। इसके अलावा, सरकार ने तेल का भंडारण भी किया है, जिससे जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। भारत में अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे लोगों को राहत मिली हुई है। सरकार की कोशिश है कि महंगाई को नियंत्रण में रखा जाए और आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ न आए।

निष्कर्ष: 

भले ही दुनिया में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा हो, लेकिन भारत सरकार स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का यह आश्वासन लोगों के लिए राहत भरा है कि सरकार हर हाल में देशवासियों के हितों की रक्षा करेगी।