महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके में सोशल मीडिया पर वायरल हुई झूठी लॉकडाउन खबर ने लोगों में डर और घबराहट फैलाई। मामला तब सामने आया जब एक युवक ने वीडियो बनाकर दावा किया कि रात 12 बजे से पूरे इलाके में सख्त लॉकडाउन लागू किया जाएगा।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। लोग इसे सच मानकर घरों में बंद हो गए और जरूरी काम करने में भी परेशानी होने लगी। स्थिति को गंभीर मानते हुए मुंब्रा पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो बनाने वाले युवक की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान युवक ने माना कि उसने बिना किसी पुष्टि के वीडियो बनाया और शेयर किया। उसने अपनी गलती स्वीकार की।
पुलिस ने युवक से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी हरकत न दोहराई जाए। पुलिस ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के अफवाह फैलाना गंभीर समस्या है और कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।मुंब्रा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी खबर को बिना जांच के शेयर न करें। अगर किसी को अफवाह फैलाने वालों की जानकारी हो, तो उसे तुरंत पुलिस को दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 और लॉकडाउन जैसे संवेदनशील मामलों में झूठी खबर फैलाना समाज में डर और भ्रम पैदा करता है। इसलिए नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे सोशल मीडिया पर आई किसी भी खबर की सच्चाई जान लें और अफवाह फैलाने से बचें।
मुंब्रा का यह मामला साफ संदेश देता है कि सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाना सिर्फ मजाक या ट्रेंडिंग वीडियो बनाने का काम नहीं है, बल्कि यह कानून और समाज की नजर में गंभीर अपराध है।
पुलिस का संदेश है – अफवाह फैलाना बंद करें, खबर की पुष्टि के बाद ही जानकारी साझा करें और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।