पुरुलिया रैली में ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, कहा—मेरी जान को खतरा और वोटर लिस्ट से नाम हटाए गए

Authored By: News Corridors Desk | 29 Mar 2026, 04:24 PM
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पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में आयोजित एक बड़ी जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने न केवल राजनीतिक साजिशों का आरोप लगाया, बल्कि अपनी जान को भी खतरा होने की आशंका जताई।

ममता बनर्जी ने कहा कि उनके खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं और उन्हें डर है कि उनकी सुरक्षा के साथ समझौता किया जा सकता है। उन्होंने जनता के सामने यह सवाल भी उठाया कि क्या उनके खिलाफ फिर से वैसी ही स्थिति पैदा की जा रही है जैसी पहले चुनावों के दौरान देखी गई थी।

अपने भाषण में उन्होंने देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। ममता ने आरोप लगाया कि देश में जानबूझकर दंगे भड़काए जा रहे हैं ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। उनका कहना था कि इस तरह की राजनीति से आम लोगों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं और लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने बिना नाम लिए केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर भी निशाना साधा। ममता ने कहा कि कुछ शक्तियां देश में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है।

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए दावा किया कि करीब 1.20 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि अगर लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया गया, तो यह निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करेगा।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी ऐसे सभी लोगों की मदद करेगी जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इसके लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां लोगों को अपना नाम फिर से जुड़वाने में सहायता दी जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।

इसके अलावा, ममता बनर्जी ने खासतौर पर महिलाओं से अपील की कि वे मतदान के दिन सतर्क रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और उनकी सजगता चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकती है।

अपने भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी लड़ाई जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और लोकतंत्र को बचाने की अपील की।